Government with Corona affected

लॉक डाउन में भूखा नहीं सोएगा देश का गरीब, केन्द्र सरकार द्वारा राहत पैकेज का ऐलान

80 करोड़ गरीबों को अगले 3 महीने चावल, दाल और गेहुं मुफ्त.. 1.70 लाख करोड़ का राहत पैकेज, जानें आपके लिए क्या है खास…

नई दिल्ली. मोदी सरकार ने गरीबों के लिए बड़े राहत पैकेज का ऐलान करते हुए आगामी तीन महीने के लिए गरीबों की चिंता खत्म कर दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे लेकर काफी लंबी प्रेस कांफ्रेंस की इस दौरान वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर भी मौजूद थे।

दरअसल कोरोना संकट से जूझ रही देश की गरीब जनता के लिए केन्द्र सरकार ने अपना खजाना खोल दिया है। वित्त मंत्री ने एक लाख 70 हजार करोड़ रुपए के राहत पैकेज का ऐलान इस दौरान किया है। उन्होंने कहा कि 80 करोड़ गरीब लोगों को 3 महीने तक 10 किलो चावल या गेहूं और 1 किलो दाल मुफ्त दिया जाएगा। सरकार किसी गरीब को भूखा सोने नहीं देगी।

वहीं लॉकडाउन के चलते प्रभावित गरीब परिवारों की मदद के लिए आगामी तीन महीने तक उज्वला योजना के तहत दिए जाने वाले रसोई गैस सिलेंडर को भी फ्री कर दिया गया है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 80 करोड़ गरीबों को राशन के अतिरिक्त 3 महीने तक 10 किलो गेहूं या चावल अतिरिक्त दिया जाएगा। इसके अलावा एक किलो दाल भी दी जाएगी।

किसानों के लिए भी राहत

इस दौरान वित्तमंत्री निर्मला सीतारमन ने किसानों को भी राहत दी है। किसानों के खाते में 2000 रु. की किश्त अप्रैल के पहले हफ्ते में डाल दी जाएगी। इससे देश के 8.69 करोड़ अन्नदाताओं को सीधा फायदा मिलेगा।

मनरेंगा की भी मजदूरी बढ़ाई गई

मनरेगा योजना के तहत मजदूरों की मजदूरी 182 से बढ़ाकर अब 202 रुपए कर दी गई है। साथ ही देश के तीन करोड़ वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं, दिव्यांगों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) का फायदा मिलेगा।

जनधन खाते में 500 प्रतिमाह

सरकार ने 3 करोड़ महिला जनधन खाताधारकों को 500 रुपए प्रति माह अगले 3 महीने तक दिए जाने का भी ऐलान किया है। इस दौरान वित्तमंत्री ने कहा कि बीपीएल परिवारों को अन्न, धन और गैस की दिक्कत नहीं होगी। स्वयं सहायता समूहों के 7 करोड़ परिवार को 10 लाख के बजाय अब 20 लाख के कर्ज की भी पेशकश की गई है।

पीपीएफ पर बड़ा ऐलान

सरकार ने कर्मचारियों की भी राहत दी है। 3 महीने कर्मचारी और नियोक्ता का ईपीएफ पर सरकार योगदान देगी। इस तरह पूरा 24 फीसदी का भुगतान सरकार की तरफ से किया जाएगा। 100 कर्मचारियों वाली कंपनियों को ईपीएफ का लाभ मिलेगा। 100 से कम कर्मचारियों वाले संस्थानों में 15 हजार से कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। इस ऐलान से 80 लाख से ज्यादा कर्मचारियों और 4 लाख से ज्यादा संस्थानों को फायदा मिलेगा।

निर्माण क्षेत्र से जुड़े मजदूरों को भी राहत

सरकार ने निर्माण क्षेत्र से जुड़े 3.5 करोड़ रजिस्टर्ड वर्कर को भी राहत दी है जो लॉकडाउन की वजह से आर्थिक दिक्कतों से दो चार हो रहे हैं। उनकी मदद के लिए सरकार ने 31000 करोड़ रुपए का फंड रखा है। पीएफ फंड रेग्युलेशन में संशोधन किया जाएगा। कर्मचारी जमा रकम का 75% या तीन महीने के वेतन में से जो भी कम होगा, निकाल सकेंगे।

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